NATURE


हम सभी किसी न किसी तरीकों से प्रकृति को प्यार करते हैं, उदाहरण के लिए कुछ लोग इसे इसकी हरी भरी हरियाली के लिए प्यार करते हैं, कुछ लुभावनी सुंदरता के लिए और कुछ इसे उन उपहारों के लिए पसंद करते हैं जो प्रकृति ने मानव जाति को दिए हैं जैसे जड़ी-बूटियां आदि। दूसरे शब्दों में कहा जाए तो प्रकृति हमें बहुत सी चीज़ें देतीहै ताकि हम एक पूर्ण जीवन जी सकें। इसलिए यह हमारे जीवन का एक अभिन्न अंग है।

क्या आज का मनुष्य सच में अपने आसपास के प्रकृति और पर्यावरण के महत्व को समझ पाया है?  क्या व्यक्ति चांद तारे, सूर्य आकाश, शीतल पवन, लहलहाते सुंदर वृक्ष, गीत गुनगुनाते पक्षी, और असीम समुद्र के विषय में सच ने समझ पाया है? आज के इस आधुनिक युग का मनुष्य प्रकृति को बहुत साधारण और तुच्छ समझने लगा है। क्योंकि प्रकृति हर जगह मौजूद है इसलिए लोग इसे आसानी से मिलने वाला एक तुच्छ वस्तु समझने लगे हैं। हो सके आपको मेरी यह बात बुरी लगे परंतु यह इस संसार का एक सबसे बड़ा सच है।

प्रकृति को एहसास करना और इसे समझना हर किसी व्यक्ति के जीवन का एक अभिन्न हिस्सा होना चाहिए। आज के इस दुनिया में ज्यादातर लोग अपना ज्यादातर समय टेलीविजन देखकर और इंटरनेट चला कर बिताते हैं। ज्यादातर वह घर के अंदर ही रहकर अपना समय बिताते हैं। यही आज की दुनिया की सबसे बड़ी बीमारी मानसिक तनाव को जागृत करता है। अपने काम के साथ-साथ कुछ दिन के लिए हमें प्रकृति का भी आनंद लेना चाहिए क्योंकि प्रकृति ही वह शक्ति है जो हमें इस विश्व में सब कुछ प्रदान करती है चाहे वह हमारा खाना हो या हमारा जीवन।

प्रकृति में वह शक्ति होती है जो शरीर से कई बीमारियों को दूर कर देता है। हरियाली से मन का तनाव कम होता है और दिमाग को शांति मिलती है। इसलिए अगली बार एक चीज का हमेशा ध्यान रखें अगर आप पर काम का बोझ ज्यादा है और ज्यादातर समय अगर आप मानसिक तनाव से घिरे रहते हैं तो अपने मन को शांत करने के लिए प्रकृति का आनंद उठायें।

प्रकृति हमारा सबसे बड़ा मित्र है क्योंकि हम इस ग्रह पृथ्वी पर रहते हैं और इसके सभी क्षेत्रों में प्रकृति का सौंदर्य देखने को मिलता है। प्रकृति से ही हमें पीने को पानी, शुद्ध-हवा, जीव-जंतु, पेड़-पौधे, अच्छा भोजन और रहने को घर मिलता है जिससे मनुष्य एक बेहतर और अच्छा जीवन व्यतीत कर पाता है।

हमारा प्रकृति ने हमें कई प्रकार के फूल, पक्षियां, पशु, पेड़ पौधे, नीला आकाश, ज़मीन, नदिया, समुद्र, पहाड़, प्रदान किया है। भगवान ने इन सभी चीजों का निर्माण मनुष्य के जीवन को बेहतर बनाने के लिए किया है इसलिए हमें कभी भी इन प्राकृतिक संपदा को क्षति नहीं पहुंचाना चाहिए।

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मानव – जीवन का उद्देश्य

अपना लक्ष्य परमात्माकी प्राप्ति करना ही है –यह कैसे पता लगे ? क्योकि धन भी प्रापणीये है, मान –बड़ाई भी प्रापणीय है, सुख –सुविधा भी प्रापणीय है, इस तरह कई चीजें प्राप्त करनेकी हैं| अतः परमात्माकी प्राप्ति ही हमारा उद्देश्य है –यह हमें कैसे मालूम हो ?

यह बड़ी अजीब बात है कि लोगों के सोच और उनके कर्म में कितना अंतर होता है। वहीँ यह बात भी सर्वमान्य है की कर्म सोच का ही परिमार्जित रूप होता है। फिर इस दोहरे मानदंड का अर्थ क्या है? ऐसी कौन सी अवस्थाएं हैं जो लोगों को उनके उद्देश्य से भटका देतीं हैं, अंतरात्मा की आवाज़ को दबा देतीं हैं? इस बात को स्पष्ट करने के लिए मानव जीवन का एक सुक्ष्म विश्लेषण आवश्यक है।
मनुष्य पृथ्वी पर उपस्थित सभी प्राणियों में श्रेष्ठ है और इस श्रेष्ठता का मूल है प्रकृति प्रदत्त मानव मस्तिष्क की शक्ति, उसकी कल्पनाशीलता दूरदर्शिता, विचारशीलता, आकलन संवेदना आदि। इन्ही गुणों के बल पर मानव ने अन्य जीवों पर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध किया है। लेकिन अगर प्रकृति ने मनुष्य को इन विशेष गुणों से परिपूर्ण बनाया है तो इसके पीछे अवश्य ही कोई निश्चित उद्द्येश्य होगा।

मानव जीवन जिसे मनुष्य को विधाता का दिया हुआ सर्वोत्तम उपहार कहा जाय तो अतिश्योक्ति नही होगी। क्योंकि कोई व्यक्ति तभी महान बनता है जब वह अपनी महानता के चरम पर पहुचने तक जीवित रहे। वह एक घंटे या एक दिन में महान नही बन सकता। ऐसा भी देखने मे आता है की साधारण मनुष्य भी अनायास ही कभी कोई बड़ा कार्य कर जाता है तो क्या वह महान हो गया? नही, क्योंकि महानता तो वह कसौटी है जिसपर महान व्यक्ति हर सम-विषम परिस्थितियों में स्वयं को खरा उतारता है। अर्थात जीवन ही मनुष्य को महान बनने का अवसर प्रदान करता है।

अब आवश्यकता है तो एक संकल्प की, एक विचारधारा विकसित करने की, अपने आपको शिक्षित करने की और विभिन्न संसाधनों की सहायता से संचित ज्ञान के प्रसार की। ऐसा करके आप न सिर्फ अपने जीवन की सार्थकता सिद्ध करेंगे बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन जाएंगे। और एक सत्य ये भी है कि अभिव्यक्ति आत्म संतुष्टी का सर्वश्रेष्ठ मार्ग है जिसे प्राप्त करने के लिए हम अपनी दिनचर्या मे अनेक निरर्थक प्रयास करते हैं।

ADVANTAGES OF USING PHP

Here are some features of PHP which make it a very populary used programming language for web development:

2.2.1 It’s Fast
The time to process and toad a web page is short on web sites because it is embedded in HTML coda

 2.2.2 It’s Free
     PHP is an open-source project – the language is developed by a Worldwide team of volunteers who make its source code freely available on the Web, and it may be used without payment of licensing fees or investments in expensive hardware or software

2.2.3 It’s Easy to Use
    The Syntax is simple and easy to understand and use, even for non-programmers. For use in web sites, PHP code is designed to be included easily in an HTML file.

 2.2.4 It’s Versatile
    PHP runs on a wide variety of operating systems–Windows, Linux, Mac OS, and most varieties of Unix.

2.2.5 It’s Secure
As long as your scripts are designed correctly, the user does not see the PHP code.

2.2.6 It’s. Customizable
The open source license allows  programmers to modify the PHP software, adding or modifying features’ as needed to fit their own environments.  PHP provides significant

control over the environment, reducing chances of failure

2.2.7 Third-Party Application Support
One of PHPS strengths has historically been its support for a wide range of different databases, including MYSQL, PostgreSQL, Oracle and Microsoft SQL Server. XML support makes it easy to read (and write) XML documents as though they were native PHP data structures.
PHP can even access C libraries, Java classes, and COM objects and take advantage of program code written for these languages!

INTRODUCTION TO PHP

PHP started out as a small open source project that evolved as more and more people found out how useful it was. Rasmus Lerdorf unleashed the first version of PHP way back in 1994.

  • PHP is a recursive acronym for “PHP: Hypertext Preprocessor”.
  • PHP is a server side scripting language that is embedded in HTML. It is used to manage dynamic content, databases, session tracking, even build entire e-commerce sites.
  • It is integrated with a number of popular databases, including MySQL, PostgreSQL, Oracle, Sybase, Informix, and Microsoft SQL Server.
  • PHP is pleasingly zippy in its execution, especially when compiled as an Apache module on the Unix side. The MySQL server, once started, executes even very complex queries with huge result sets in record-setting time.
  • PHP supports a large number of major protocols such as POP3, IMAP, and LDAP. PHP4 added support for Java and distributed object architectures (COM and CORBA), making n-tier development a possibility for the first time.

Positive Reinforcement

This implies giving a positive response when an individual shows positive and required behaviour. for example – Immediately praising an employee for coming early for job. this will increase probability of outstanding behaviour occurring again. reward is a positive reinforce , but not necessarily. If and only if the employees’ behaviour improves, reward can said to be a positive reinforcer. positive reinforcement stimulates occurrence of a behaviour. It must be noted that more spontaneous is the giving of reward, the greater reinforcement value it has.

MOTIVATIONAL TECHNIQUES

I can motivate people”

Not really—they have to motivate themselves. you can’t motivated people anymore than you can empower them. Employees have to motivate and empower themselves. however, you can set up an environment where they best motivate and empower themselves. The key is knowing how to set up the environment for each of your employees.

NATURE

प्रदूषण ने हमारे पर्यावरण को हानिकारक रूप से प्रभावित किया हैं। प्राचीन समय से मनुष्यों ने प्राकृतिक संसाधनों का दोहन किया हैं। पर्यावरण प्रदूषण न केवल मनुष्यों के जीवन के लिए बल्कि जानवरों के लिए भी खतरनाक हो गया हैं। मनुष्यों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने में व्यापक रुप से प्रदूषण मुख्य कारक हैं। अनगिनत श्वसन समस्याएं, त्वचा रोग, फेफड़ों के कैंसर जैसी कुछ बीमारियाँ है जिन्होंने मनुष्य को पूर्ण रूप से जकड़ रखा हैं, जो मनुष्य के शारीरिक विकास को बाधित कर रही हैं। मनुष्य ने भौतिक आनंद प्राप्त करने के लिए प्राकृतिक संसाधनों का दोहन किया हैं। कमजोर प्राकृतिक संसाधन हमारी जलवायु को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहे हैं और इसे कमजोर बना रहे हैं। ग्लोबल वार्मिंग के साथ-साथ ओजोन परत में गिरावट बड़े पैमाने पर पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही हैं।

 मनुष्य के प्राकृतिक संसाधनों के दोहन को रोकने के लिए और पृथ्वी माता को होने वाले नुकसान की क्षतिपूर्ति करने में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए यह सही समय हैं। पर्यावरण में प्रदूषण को कम करने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए और पर्यावरणीय रूप से अनुकूल व्यवहारों को किया जाना चाहिए। पहले से ही पर्यावरण संकट से घिरी हुई पृथ्वी को बचाने और पर्यावरण के अनुकूल उपायों को अपनाने के लिए यह समय बहुत महत्वपूर्ण हैं।

विभिन्न प्रकार के प्रदूषण से बचने के लिए चाहिए कि अधिक से अधिक पेड़ लगाए जाएं, हरियाली की मात्रा अधिक हो। सड़कों के किनारे घने वृक्ष हों। आबादी वाले क्षेत्र खुले हों, हवादार हों, हरियाली से ओतप्रोत हों। कल-कारखानों को आबादी से दूर रखना चाहिए और उनसे निकले प्रदूषित मल को नष्ट करने के उपाय सोचना चाहिए।

 एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने के लिए पर्यावरण के अनुकूल वाहनों का चुनाव करें। ई-रिक्शा और साइकिल जैसे कुछ वाहन हैं जिन्हे पर्यावरण के अनुकूल और लाभकारी विकल्प माना जाता हैं। अपने निजी वाहन से अकेले जाने के बजाय, सार्वजनिक सवारी वाले साधन या टैक्सी कार का चुनाव करके पहले से प्रदूषित हो चुकी पृथ्वी का बोझ कम करें। पर्यावरण के अनुकूल कार्य करके अपने आप को शिक्षित करना और जागरूकता फैलाना पर्यावरण के प्रति काफी योगदान हो सकता हैं और प्रदूषण को कम करने में मदद मिल सकती हैं।